फिर सूखे में जल रहा बुंदेलखंड
किसानों के अनुसार बारिश न होने से मूंग, उर्द, मूंगफली, तिल की फसल पहले ही प्रभावित हो चुकी थी और अब रबी की फसल के भी बचने की कोई उम्मीद नहीं है। बुंदेलखंड के निवासियों की मांग है कि यहाँ के हालात को देखते हुये सरकार द्वारा बुंदेलखंड को सूखा घोषित कर देना चाहिए। खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे हो, किसान पहले से ही कर्ज में है।




दिन पर दिन बढ़ता अवैध खनन, जिस पर आजादी से आज तक किसी सरकार ने रोक लगाने की हिम्मत नहीं की
किसानों के अनुसार बारिश न होने से मूंग, उर्द, मूंगफली, तिल की फसल पहले ही प्रभावित हो चुकी थी और अब रबी की फसल के भी बचने की कोई उम्मीद नहीं है। बुंदेलखंड के निवासियों की मांग है कि यहाँ के हालात को देखते हुये सरकार द्वारा बुंदेलखंड को सूखा घोषित कर देना चाहिए। खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे हो, किसान पहले से ही कर्ज में है।
0








