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रसोई से

  • समोसे की आत्मकथा

    मैं समोसा हूँ..... छोटा सा तिकोना समोसा ब्रह्माण्ड के किसी भी हलवाई की दुकान पर दो चीजें होना जरूरी है वर्ना वह दूकान हलवाई की दूकान नहीं कहलाती.... पहला तो हलवाई खुद और दूसरा मैं यानि कि समोसा ! मैं संसार की एकमात्र ऐसी रचना हूँ जिसके तीन कोने होने के बावजूद भी शान से सीना तान कर खड़ा हो जाता हूँ....

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