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संपादकीय

  • चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली में एक दिन के धरने के खर्च में बेदर्दी से बहाये जनता के 11 करोड़ !

    चंद्रबाबू नायडू के द्वारा 11 फरबरी को दिल्ली स्थित आंध्र भवन में मात्र 12 घंटे के लिए किए गए धरना प्रदर्शन में भीड़ इकट्ठा करने का खर्च जान कर राज्य की जनता के होश उड़ जाएंगे कि किस प्रकार एक मुख्य मंत्री ने सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए उनकी मेहनत की कमाई के 11 करोड़ रुपए पानी की तरह बहा दिये। ...

  • क्या राहुल गांधी एक मानसिक रोगी है ? सूत्र तो ये ही कहते हैं !

    इस समय का सबसे बड़ा सवाल है कि क्या राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने के काबिल है भी ? प्रधानमंत्री बनना तो दूर वह तो एक ईमानदार इंसान बनने के मानकों पर भी बहुत बौना सिद्ध हो रहा है। कभी जानकारियों के अभाव के कारण तो कभी संसद में आंख मारने के कारण, कभी जनता के बीच बात - बात पर झूठ बोलने के कारण या कभी...

  • 15 अगस्त: स्वतन्त्रता की खुशी या बँटवारे का दर्द?

    15 अगस्त 1947 भारत की आजादी का दिन था. हमें आजादी मिली, उस खुशी को आज भी हम हर साल आजादी के दिन के रूप में मनातें हैं पर इस खुशी को मनाते हुये हममें से कितने लोग हैं जिनके मन में कोई वेदना होती है, कोई पीड़ा होती है? किसी का भी स्वाभाविक प्रश्न होगा कि आजादी के दिन कोई वेदना या कोई पीड़ा क्यों हो? पर...

  • कैसा जश्न? कैसी स्वतंत्रता? 15 अगस्त 1947!

    असली जायज़ जश्न होता है 14 अगस्त को पाकिस्तान में। हाँ, उन्होंने पाकिस्तान को भारत से छीना था, 14 अगस्त 1947 को। सामूहिक भारत की कुल 20 % आवादी ने भारत का 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा भारत से छीन लिया था..उनके पास जिन्ना था। हमारे पास हिजड़े थे... 50 लाख सनातन हत्याएं हुईं (नरेंद्र कोहली के शब्दों में) ला...

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