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साहित्य

  • "काफिर" कौन है ?

    ये ऐसा प्रश्न है जो गैर-मुस्लिमों के लिए लगभग 1400 वर्षों से अनुतरित है।काफ़िर के अर्थ पर मौलाना लोग और अक्सर मुस्लिम विद्वान सफ़ेद झूठ बोलते हुए पहले तो इस बात से साफ़ इंकार कर देते हैं कि काफिर से मुराद हिन्दू, ईसाई या यहूदी है; फिर दूसरा झूठ ये बोलते हैं कि काफ़िर 'नास्तिक' को कहतें हैं। ये लोग सफ़ेद...

  • "हरी सिंह नलवा" एक बाहुबली का स्मरण

    1699 में जब पिता दशमेश ने 'खालसा' सजाई थी तो उसके साथ विजय हुंकार करते हुए कहा था 'राज करेगा खालसा, आक़ी बचे न कोई'। पिता दशमेश के इस 'जयघोष' के संकल्प को मूर्त रूप देने को प्रस्तुत हुए 'बाबा बंदा सिंह बहादुर' और 'हरिसिंह नलवा'। एक ने उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से जो 'देबबंद' से शुरू होकर 'कश्मीर' तक ...

  • #SelfieWithBajrangBali "हनुमान जयंती" पर विशेष

    कुछ वर्ष पूर्व कर्नाटक के रहने वाले 'करण आचार्य' ने 'क्रोधित हनुमान' की एक पेंटिंग बनाई थी, जिसकी प्रशंसा प्रधानमंत्री 'श्री नरेन्द्र मोदी जी' ने भी की थी और उनके द्वारा प्रशंसा किये जाने के बाद अचानक यह पेंटिंग देश भर में सुर्खियों में आ गया था।OLA-UBER समेत निजी वाहन वाले हनुमान जी की इस तस्वीर को ...

  • "तबलीगी जमात" मुस्लिमों का कट्टरवादी चेहरा

    70 वर्षों से देश मे तबलीगी जमात जैसे संगठन भी चल रहे थे।। लेकिन देश को अब पता चला। क्योंकि कांग्रेस, मीडिया, बुद्धिजीवी 70 वर्षो तक।। तबलीगी जमात, उलेमा हिन्द, जमीयत ए इस्लामी, PFI जैसे कट्टरपंथी संगठनों पर पर्दा डालकर इनकीं असलियत छुपाते रहे। ============= पाकिस्तान से नहीं बल्कि भारत से ऑपरेट कर ...

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