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साहित्य - Page 2

  • Dar al-Islam का सपना - शाहीनबाग का धरना एक "संयोग नही प्रयोग है"...

    ये चित्र का इतिहास French Revolution (क्रांति) से जुड़ा हुआ हैं। जिसमें एक अर्धनग्न स्त्री बच्चे संग हथियार उठाये फ्रांस राजशाही के विरुद्ध लड़ती हुई दिखाई प्रतीत हो रही हैं। अब जरा शाहीनबाग धरने पर ध्यान दीजिए। यहाँ भी मुसरिम महिलाएं बच्चों सँग युद्ध की भाँति बैठी हैं। बस अंतर इतना हैं कि, उनके...

  • वेद प्रकाश शर्मा - हिन्दी उपन्यास की दुनिया के एक "कालजयी लेखक"

    वेद प्रकाश शर्मा !! (10 June 1955 – 17 February 2017)याद हैं आपको ..? कल से उन्हें रंग रंगीली दुनियाँ से गये हुये तीन साल हो गये . जी हाँ ! वही वेद प्रकाश शर्मा जिन्होंने बताया कि लिख कर भी पेट औऱ पॉकिट दोनो भरे जा सकते हैं। वही वेद प्रकाश शर्मा : जिसने साहित्य को बस स्टैंड और गद्दे के नीचे तक पह...

  • तुम जमीर को बेच दिए, केवल बिजली-पानी पर

    भारत माता सिसक रही हैं, तुम सब की नादानी पर, तुम जमीर को बेच दिए, केवल बिजली-पानी पर ।। तुम बोले मंदिर बनवाओ, 'उसने' काँटा साफ किया, और तीन सौ सत्तर धारा वाला स्विच भी ऑफ किया, इच्छा यही तुम्हारी थी, घुसपैठी भागें भारत से, लाकर के कानून हौंसला घुसपैठी का हाफ किया। राणा-वीर शिवा के वंशज, रीझे कु...

  • दिल्ली विधानसभा: महिला प्रतिनिधित्व में कांग्रेस और आप से पिछड़ी बीजेपी

    दिल्ली में महौल काफ़ी गर्म है, जहां एक तरफ़ सीएए को ले कर अब तक विरोध प्रदर्शन जारी है वहीं दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। दिल्ली की राजनीतिक दौड़ में आम आदमी पार्टी पहले ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है वहीं कल बीजेपी ने भी 70 में से 57 सीटों पर और कांग्रेस ने ...

  • CAA: Justice To Those Who Were Left Behind In Pakistan In 1947

    A note to the libtards opposing CAA! Well! before coming to the point, let me congratulate you that CAA has come into force now. Yes, I feel glad that even after hundreds of your protests and endless chanting of anti-national slogans, it has made a successful journey from being a bill to become an ...

  • "जामिया मिलिया" - स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया (SIMI) के कब्जे में जा रहा है ?

    जामिया मिलिया को फिरकापरस्तों से छुड़ाना होगा| आज इस गाँधीवादी सेक्युलर संस्थान पर दुबारा जिन्नावादियों का शिकंजा कस रहा है| आजादी के समय पहला हुआ था| बात कोई व्यंजनावाली नहीं है क्योंकि जामिया में हो रहे सिरफिरे छात्रों वाले हादसे से भारतीय राष्ट्र-राज्य के वैचारिक वैविध्य और बहुलतावादी समाज को आघात ...

  • "विषैलावामपंथ" पुस्तक एक मंजिल नहीं, एक यात्रा है

    कल शाम कॉलेज के बच्चों के एक झुण्ड से मिला। 20-22 साल के बच्चे, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियां करते हुए। उनका आधा घंटा समय चुरा कर उनसे बातें की। उन्हें उनकी भाषा में वामपंथ का विष समझाया।उनमें से एक लड़का वामियों के प्रभाव में था। उसने कुछ बेहद प्रासंगिक प्रश्न पूछे जिनका जवाब देने में मजा आया, और ...

  • "हयग्रीव माधव" मंदिर, आसाम

    कामरूप के हाजो (Hajo) में मणिपर्वत टीले के ऊपर 'हयग्रीव माधव' मंदिर स्थित है। हाजो शहर, गुवाहाटी (Guwahati) के पश्चिम में 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। घोड़े की मुखाकृति के विष्णु के अवतार 'हयग्रीव' की यहाँ पूजा होती है। संस्कृत में घोड़े को 'हय' और गले को 'ग्रीव' कहा जाता है। इसीलिए मंदिर का नाम ...

  • शिवसेना : चेहरा - चाल - चरित्र

    मुंबई को भारत की आर्थिक राजधानी बनाने में वहाँ की कपड़ा मिलों की बहुत बड़ी भूमिका थी। मुंबई में सैकड़ों मिलें थीं, जिनमें लाखों मजदूरों को रोजगार मिला हुआ था। लेकिन मजदूर यूनियनों पर वामपंथियों का कब्जा था, जिसका मतलब था कि यहाँ लगातार हड़तालें होती रहती थीं, जिससे मिल-मालिक परेशान रहते थे। मिल-मालिकों...

  • मैं नंदी : अंतहीन प्रतीक्षा का प्रतीक

    मैं नंदी प्रतीक्षा का प्रतीक हूँ अनंतकाल से ही, भक्ति - प्रतीक्षा का आदर्श रूप जो है। अंतहीन प्रतीक्षा ही तो है - यह जीवन। जो होना है, उसके हो लेने में समय है अभी जिसकी ख़ातिर जिए जा रहे हैं, बीते जा रहे हैं हम बहे जा रहे हैं, समय के साथ नदी की तरह। नदी की प्रतीक्षा समुद्र तक की समुद्र की...

  • इस्लाम बनाम अन्य : क्या इस्लाम दुनिया के लिए खतरा बन चुका है

    आज इस्लाम इंग्लैंड में दूसरा सबसे बड़ा धर्म बन गया है।यों तो अब भी इंग्लैंड में मुस्लिमों की आबादी कुल आबादी का 5 प्रतिशत है, लेकिन लंदन में मुस्लिमों की आबादी 12 प्रतिशत से अधिक है। लंदन बोरो के कई सबर्ब्स, ब्लैकबर्न, ब्रैडफ़र्ड जैसे इलाक़ों में यह आंकड़ा तो 25 से 35 प्रतिशत तक चला गया है यह बहुत बहुत ब...

  • ओह्ह दीवाली !! हाय पर्यावरण, हाय प्रदूषण

    दिल्ली की हवा में इतने सारे स्तरों पर और इतने अधिक कारणों से साल के 12 महीने, दिन के चौबीस घंटे इतना अधिक ज़हर घुल रहा है कि जिनके अंदर सोचने वाली नसें ज़िंदा हैं उनकी रूह अगली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोच कर ही काँप जाती है। सबसे ज़्यादा आक्रोश जगाने वाली बात यह है कि हर साल, पूरे साल भर के 364...

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