Top
Abhijeet Singh

Abhijeet Singh

एक मुश्त-ए-ख़ाक और वो भी हवा की ज़द में है, ज़िंदगी की बेबसी का इस्तिआ'रा देखना


  • वीभत्स बलात्कार: अंधे सेक्युलरी चश्में और वोटतंत्र का तुष्टीकरण

    'कश्मीर में आज तीन विकेट गिर गये.......गिनती चालू रहे', 'हमारे जवान उन्हें थोक रहे हैं', 'बधाई हो 'दामाद जी' को इनकम टैक्स विभाग ने पचास लाख का नोटिस जारी किया'...... 'आज चिद्दी के घर सीबीआई का छापा पड़ा'....... 'हकले को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से नोटिस मिली'......... 'अब आयेगा मज़ा क्योंकि ठिगने को...

  • मज़हब है सिखाता आपस में बैर रखना: मदीने से आज तक

    पिछले चार सालों में कई बार हम कुछ कल्पनायें करके आनंदित होते रहें हैं कि एक दिन हम बलूचिस्तान को तोड़ देंगें, फिर ये भी कल्पना उभरी कि एक अलग सिंधु देश भी बन रहा है और एक ने तो अति-उत्साह में ये कह दिया कि हम अगले साल पी०ओ०के० में तिरंगा फहराएंगें। 'अज्ञानता के आनंदलोक' में विचरण कर रहे इन लोगों को ...

  • जिन्ना और इक़बाल: सुन्नी मुस्लिमों के शिकार ?

    पाकिस्तान सरकार की अधिकृत वेबसाइट पर जायेंगें तो दो लोगों की फोटो मुख्य पृष्ठ पर मिलेंगी। एक 'अल्लामा इकबाल' और दूसरे 'मुहम्मद अली जिन्ना'। पाकिस्तान में इन दोनों का मुक़ाम किसी वलीउल्लाह से कम नहीं है इसलिये वहां के लोग इन दोनों के नाम के आगे बड़े फक्र से 'रहमतुल्लाहअलैहे'...

  • विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तञ्च मां कुरु

    हमारा भारत और हिन्दू धर्म दुनिया से इस मायने में अलग और विलक्षण है कि हमने हमेशा ज्ञान के महत्त्व को सबसे पहले समझा और इसे बाकी सब चीजों के ऊपर रखा। दुनिया की अलग-अलग सभ्यताओं और संस्कृतियों में जहाँ भोजन, आवास, सुरक्षा आदि को क्रमिक विकास के केंद्र में रखा गया है वही हमारे यहाँ सबसे पहले 'ज्ञान'...

  • माफ़ी प्रायश्चित का मौका देती है पर दुःख है कि आपके पाप बहुत हैं....

    2007 में राजस्थान के जयपुर में 'धर्म संस्कृति संगम' नामक संगठन ने दुनिया भर के उन लोगों का एक कार्यक्रम आयोजित किया था जो थे तो ईसाई या मुस्लिम पर उनके मन में ये प्रश्न था कि ठीक है आज हम ईसाई या मुसलमान हैं पर ईसा और मुहम्मद साहब से पहले हम क्या थे? हमारी संस्कृति और परम्परायें क्या थीं और किन परिस्...

Share it